Bhopal Holi 2025 : माघी पूर्णिमा के अवसर पर डांडा गाड़ने से होली के त्योहार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। होलिका में हर साल बड़े पैमाने पर लकड़ियों का दहन किया जाता है। इसके लिए कतिपय लोग हरे-भरे वृक्षों को काटकर होली की भेंट चढ़ा देते हैं। हरियाली के खामोश कत्ल से पर्यावरण की बिगड़ती सेहत को देखते हुए राजधानी में गठित गोकाष्ठ समिति ने इस बार भी होली भी जले और हरियाली भी सलामत रहे के मूल मंत्र पर काम तेज कर दिया है।
इसके लिए गोशालाओं में बड़े पैमाने पर गोबर की लकड़ी (गोकाष्ठ) तैयार की जा रही है। समिति ने फरवरी माह में पांच हजार क्विंटल गोकाष्ठ तैयार कर लिया है। इसे 10 रुपए प्रति किलो की दर से आम लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा। गोकाष्ठ समिति के प्रवक्ता मम्तेश शर्मा ने बताया कि आगामी 13 मार्च को होने वाले होलिका दहन को लेकर अभी से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरुक करने का काम शुरू कर दिया गया है। शहर के आसपास बनी बड़ी गोशालाओं में जाकर बड़े पैमाने पर गोकाष्ठ तैयार करवाई जा रही है। समिति के अध्यक्ष अरुण चौधरी का कहना है कि शहर में 90 फीसदी तक होलिका दहन में गोकाष्ठ का इस्तेमाल होने का हमने लक्ष्य रखा गया है।
घर पहुंचाने की सेवा भी रहेगी
गोकाष्ठ समिति के अनुसार होली को लेकर अभी से गोकाष्ठ की बुकिंग शुरू हो गई। साथ ही परिवहन सुविधा का शुल्क जोड़कर गोकाष्ठ की घर पहुंचाने सेवा भी दी जाएगी। समिति हर बस्ती में जाकर पर्यावरण संरक्षण, गोसंवर्धन और हरियाली को सहेजने के लिए लोगों को जागरुक भी कर रही है।
50 केंद्रों पर मिलेगा गोकाष्ठ
समिति के सचिव प्रमोद मोदी चुघ ने बताया कि प्रति वर्ष वन विभाग होली की लकड़ी प्रदाय करने के लिए शहर में 25 स्थानों पर अस्थाई टाल लगाता है। इन सभी केंद्रों पर समिति द्वारा गोकाष्ठ भी बिक्री के लिए 25 केंद्रों पर रखी जाएगी। लोगों को होली में लकड़ी के बजाए गोबर की लकड़ी का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। 25 किलो गोकाष्ठ काॅटन के कपड़े से बने बैग में मिलेगी। इस प्रयास से गोशाला प्रबंधन भी आर्थिक रूप से मजबूत होगा।
साल दर साल बढ़ रही गोकाष्ठ की बिक्री
2019 में 3200 क्विंटल गोकाष्ठ, 2020 में 3500 क्विंटल गोकाष्ठ, 2021 में 3900 क्विंटल गोकाष्ठ, 2022 में 4400 क्विंटल गोकाष्ठ, 2023 में 4900 क्विंटल गोकाष्ठ और 2024 में 5300 क्विंटल गोकाष्ठ होलिका दहन में शहरवासियों ने इस्तेमाल की। 2025 में 5500 क्विंटल गोकाष्ठ का लक्ष्य रखा गया है ।
यहां लगाए जाएंगे गोकाष्ठ विक्रय केंद्र
शहर में जगह-जगह गोकाष्ठ विक्रय केंद्र बनाए जाएंगे, जहां होली के एक सप्ताह पहले से गोकाष्ठ मिलेगी। इसमें कालिका मंदिर भदभदा रोड, कृष्ण प्रणामी मंदिर, भोजपुर क्लब, नर्मदा इंडस्ट्रीज गोविंदपुरा, माता मंदिर प्लेटिनम प्लाजा के सामने, शुभम नर्सरी बावडि़या, राम मंदिर हमीदिया रोड, मानस भवन श्यामला हिल्स, मिलन स्वीट्रस बरखेड़ा, शुभम नर्सरी सी-21 मॉल के सामने, मानस उद्यान गुफा मंदिर, गिरधर स्टोर गोमती कॉलोनी नेहरू नगर, करोंद, मंदाकिनी ग्राउंड कोलार, शिव मंदिर मेहता मार्केट सुभाष नगर, रेलवे स्टेशन मंडीदीप, बैरसिया, गंगेश्वर शिव मंदिर एम्स के पीछे साकेत नगर, महात्मा गांधी चौराहा भेल, अफसरा टॉकीज, पिपलानी पेट्रोल पंप, अशोका गार्डन 80 फिट रोड आदि स्थान शामिल है।